बीसीसीआई ले सकती है कड़ा फैसला ,उत्तराखंड की मान्यता पर

पब्लिक व्यू ब्युरो 1/1/1900 12:00:00 AM
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नहीं बनी तो उत्तराखंड के क्रिकेट के भविष्य को लेकर बीसीसीआई कड़ा फैसला ले सकता है। इस कड़ी में राज्य में क्रिकेट संचालन अपने हाथ में लेने की बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। फिलहाल इसकी संभावना सबसे अधिक नजर आ रही है।माना जा रहा है कि 16 साल से प्रदेश में मान्यता को लेकर जारी लड़ाई के पीछे बोर्ड में अपना रसूख रखने वाले दो सदस्य हैं। इन दोनों सदस्यों का राज्य में कार्यरत अलग-अलग दो एसोसिएशनों का वरदहस्त प्राप्त है।

बीसीसीआई ले सकती है कड़ा फैसला ,उत्तराखंड की मान्यता पर

पब्लिक व्यू ब्युरो 1/1/1900 12:00:00 AM
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नहीं बनी तो उत्तराखंड के क्रिकेट के भविष्य को लेकर बीसीसीआई कड़ा फैसला ले सकता है। इस कड़ी में राज्य में क्रिकेट संचालन अपने हाथ में लेने की बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। फिलहाल इसकी संभावना सबसे अधिक नजर आ रही है।माना जा रहा है कि 16 साल से प्रदेश में मान्यता को लेकर जारी लड़ाई के पीछे बोर्ड में अपना रसूख रखने वाले दो सदस्य हैं। इन दोनों सदस्यों का राज्य में कार्यरत अलग-अलग दो एसोसिएशनों का वरदहस्त प्राप्त है।

हाई अलर्ट पर उत्तराखंड, नौ जिलों में होगी भारी बारिश

पब्लिक व्यू ब्युरो 1/1/1900 12:00:00 AM
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प्रदेश के नौ जिलों में बृहस्पतिवार शाम से अगले 72 घंटे भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।वहीं देहरादून सहित कई इलाकों में बृहस्पतिवार सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने पर्यटकों और चारधाम यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित ठिकाने पर रहने की हिदायत भी दी गई है। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम से आगामी 72 घंटे तक उत्तरकाशी, देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, नैनीताल और चंपावत में भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के कई हिस्सों में 15 जुलाई से 17 जुलाई के बीच मध्यम बारिश होगी। जबकि कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।बारिश की वजह से केदारनाथ, बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब, गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले तीर्थयात्रियों और प्रदेश के अन्य चेतावनी वाले जिलों में जाने वाले पर्यटकों को अतिरिक्त सतर्कता और स्थानीय निवासियों को सुरक्षित ठिकाने पर रहने की सलाह दी गई है।

हाई अलर्ट पर उत्तराखंड, नौ जिलों में होगी भारी बारिश

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प्रदेश के नौ जिलों में बृहस्पतिवार शाम से अगले 72 घंटे भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।वहीं देहरादून सहित कई इलाकों में बृहस्पतिवार सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने पर्यटकों और चारधाम यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित ठिकाने पर रहने की हिदायत भी दी गई है। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम से आगामी 72 घंटे तक उत्तरकाशी, देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, नैनीताल और चंपावत में भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के कई हिस्सों में 15 जुलाई से 17 जुलाई के बीच मध्यम बारिश होगी। जबकि कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।बारिश की वजह से केदारनाथ, बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब, गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले तीर्थयात्रियों और प्रदेश के अन्य चेतावनी वाले जिलों में जाने वाले पर्यटकों को अतिरिक्त सतर्कता और स्थानीय निवासियों को सुरक्षित ठिकाने पर रहने की सलाह दी गई है।

डूब रहे बच्चे को बचाने टैंक में उतरे दस बंदर, दसों की मौत

पब्लिक व्यू ब्युरो 1/1/1900 12:00:00 AM
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चंपावत के लोहाघाट रोडवेज कार्यशाला में बने पानी के टैंक में डूबे बंदर के बच्चे को बचाने में 10 बंदरों की मौत हो गई। वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर सभी मृत बंदरों को टैंक से बाहर निकाला। पोस्टमार्टम के बाद उन्हें रोडवेज कार्यशाला परिसर में दफना दिया। सोमवार देर शाम एक बंदर का बच्चा अपनी मां से बिछड़ कर छमनियां स्थित रोडवेज कार्यशाला परिसर में वाहनों की साफ-सफाई के लिए बने पानी के टैंक में गिर गया, जिसे बचाने की खातिर अन्य सभी बंदर टैंक में कूद गए।हालांकि टैंक में पानी करीब तीन फिट था, लेकिन टैंक की करीब 10 फिट की गहराई होने के कारण कोई भी बंदर वहां से निकल नहीं पाया।

डूब रहे बच्चे को बचाने टैंक में उतरे दस बंदर, दसों की मौत

पब्लिक व्यू ब्युरो 1/1/1900 12:00:00 AM
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चंपावत के लोहाघाट रोडवेज कार्यशाला में बने पानी के टैंक में डूबे बंदर के बच्चे को बचाने में 10 बंदरों की मौत हो गई। वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर सभी मृत बंदरों को टैंक से बाहर निकाला। पोस्टमार्टम के बाद उन्हें रोडवेज कार्यशाला परिसर में दफना दिया। सोमवार देर शाम एक बंदर का बच्चा अपनी मां से बिछड़ कर छमनियां स्थित रोडवेज कार्यशाला परिसर में वाहनों की साफ-सफाई के लिए बने पानी के टैंक में गिर गया, जिसे बचाने की खातिर अन्य सभी बंदर टैंक में कूद गए।हालांकि टैंक में पानी करीब तीन फिट था, लेकिन टैंक की करीब 10 फिट की गहराई होने के कारण कोई भी बंदर वहां से निकल नहीं पाया।

ट्राला फंसने से सात घंटे बंद रहा बदरीनाथ हाईवे

पब्लिक व्यू ब्युरो 1/1/1900 12:00:00 AM
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बदरीनाथ हाईवे पर बाजपुर में सोमवार को ट्राला फंसने से करीब साढ़े सात घंटे तक वाहनों की आवाजाही ठप रही।स्कूली बच्चों और कर्मचारियों को भी यहां पर पैदल आवाजाही करनी पड़ी। सोमवार को सुबह पांच बजे पीपलकोटी की ओर जा रहा एक ट्राला बाजपुर भूस्खलन क्षेत्र में फंस गया, जिससे यहां वाहनों की आवाजाही ठप हो गई।पुलिस प्रशासन की ओर से नंदप्रयाग-कोठियालसैंण मोटर मार्ग से छोटे वाहनों की आवाजाही कराई गई, जबकि बड़े वाहनों की आवाजाही ठप रही। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने जेसीबी की मदद से ट्राले को किनारे कर दोपहर साढ़े बारह बजे हाईवे पर वाहनों की आवाजाही सुचारु कराई।उधर, लामबगड़ में भी मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे करीब चार घंटे तक अवरुद्ध रहा। सुबह पांच बजे यहां भी सड़क पर जगह-जगह मलबा आ गया था। सुबह नौ बजे तक यह मलबा हटाया जा सका।बीआरओ के कमांडर आर सुब्रमण्यम का कहना है कि बरसात में हाईवे को सुचारु रखना चुनौतीपूर्ण काम है। एक जुलाई को जगह-जगह बादल फटने से हाईवे को भारी नुकसान हुआ है। अब थोड़ी सी बारिश होने पर भी हाईवे अवरुद्ध हो रहा है। ब्यूरोसोमवार को मात्र 1164 यात्रियों ने चार धाम दर्शन किए। बदरीनाथ धाम में 490 तीर्थयात्रियों ने भगवान बदरीनाथ के दर्शन किए। जबकि हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर गोविंदघाट से 423 तीर्थयात्री रात्रि विश्राम के लिए घांघरिया पहुंचे। उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे पर यातायात सुचारु रहने से तीर्थयात्रियों के धामों तक पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। सोमवार को 77 तीर्थयात्री यमुनोत्री और 509 यात्री गंगोत्री धाम पहुंचे। केदारनाथ धाम में मात्र 88 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए। कपाट खुलने के बाद यह पहला मौका है, जब एक दिन में इतने कम यात्रियों ने दर्शन किए। धाम में अब तक कुल 251944 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

ट्राला फंसने से सात घंटे बंद रहा बदरीनाथ हाईवे

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बदरीनाथ हाईवे पर बाजपुर में सोमवार को ट्राला फंसने से करीब साढ़े सात घंटे तक वाहनों की आवाजाही ठप रही।स्कूली बच्चों और कर्मचारियों को भी यहां पर पैदल आवाजाही करनी पड़ी। सोमवार को सुबह पांच बजे पीपलकोटी की ओर जा रहा एक ट्राला बाजपुर भूस्खलन क्षेत्र में फंस गया, जिससे यहां वाहनों की आवाजाही ठप हो गई।पुलिस प्रशासन की ओर से नंदप्रयाग-कोठियालसैंण मोटर मार्ग से छोटे वाहनों की आवाजाही कराई गई, जबकि बड़े वाहनों की आवाजाही ठप रही। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने जेसीबी की मदद से ट्राले को किनारे कर दोपहर साढ़े बारह बजे हाईवे पर वाहनों की आवाजाही सुचारु कराई।उधर, लामबगड़ में भी मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे करीब चार घंटे तक अवरुद्ध रहा। सुबह पांच बजे यहां भी सड़क पर जगह-जगह मलबा आ गया था। सुबह नौ बजे तक यह मलबा हटाया जा सका।बीआरओ के कमांडर आर सुब्रमण्यम का कहना है कि बरसात में हाईवे को सुचारु रखना चुनौतीपूर्ण काम है। एक जुलाई को जगह-जगह बादल फटने से हाईवे को भारी नुकसान हुआ है। अब थोड़ी सी बारिश होने पर भी हाईवे अवरुद्ध हो रहा है। ब्यूरोसोमवार को मात्र 1164 यात्रियों ने चार धाम दर्शन किए। बदरीनाथ धाम में 490 तीर्थयात्रियों ने भगवान बदरीनाथ के दर्शन किए। जबकि हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर गोविंदघाट से 423 तीर्थयात्री रात्रि विश्राम के लिए घांघरिया पहुंचे। उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे पर यातायात सुचारु रहने से तीर्थयात्रियों के धामों तक पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। सोमवार को 77 तीर्थयात्री यमुनोत्री और 509 यात्री गंगोत्री धाम पहुंचे। केदारनाथ धाम में मात्र 88 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए। कपाट खुलने के बाद यह पहला मौका है, जब एक दिन में इतने कम यात्रियों ने दर्शन किए। धाम में अब तक कुल 251944 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

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