250 ने दिए इस्तीफे सपा में इस्तीफों की झड़ी ,टीम अखिलेश की बर्खास्तगी के बाद

पब्लिक व्यू 9/20/2016 4:04:38 AM
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समाजवादी पार्टी का संग्राम एक बार फिर तेज हो गया है। रविवार को रामगोपाल यादव के भांजे अरविंद प्रताप यादव को पार्टी से निकालने का विवाद अभी थमा भी नहीं था कि प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने टीम अखिलेश के सात कद्दावर युवा नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में सपा से बर्खास्त कर दिया। इनमें तीन एमएलसी, तीन युवा संगठनों के अध्यक्ष और एक राष्ट्रीय अध्यक्ष शामिल हैं। इस कार्रवाई से आक्रोशित युवा नेताओं ने इस्तीफे की झड़ी लगा दी। सोमवार शाम तक 250 से ज्यादा पदाधिकारी इस्तीफा दे चुके थे। शिवपाल ने सभी के त्यागपत्र स्वीकार कर लिए। सुलह के बाद मुलायम सिंह यादव दिल्ली चले गए तो लगा कि समाजवादी संग्राम फिलहाल थम गया है, लेकिन रविवार को अरविंद प्रताप यादव और फिर सोमवार को टीम अखिलेश के सात युवा नेताओं के पार्टी से निष्कासन के नए मायने निकाले जा रहे हैं। पार्टी में इसे शिवपाल बनाम अखिलेश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि कार्रवाई करने के बाद शिवपाल ने मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर पूरी जानकारी दी। इन्हें किया गया निष्कासित तीन एमएलसी ‌सुनील सिंह यादव साजन, आनंद सिंह भदौरिया और संजय लाठर। मो. एबाद, प्रदेश अध्यक्ष, मुलायम यूथ ब्रिगेड। बृजेश यादव, अध्यक्ष, युवजन सभा। दिग्‍विजय सिंह देव, अध्यक्ष, छात्रसभा। गौरव दुबे , राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुलायम यूथ ब्रिगेड। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी के आरोप में बर्खास्त युवा सपा नेताओं ने खुद को अखिलेशवादी करार दिया है। युवा नेताओं ने मुलायम और अखिलेश के अलावा किसी और का नेतृत्व मानने से भी इन्कार कर दिया है। गौरतलब है कि सांसद अमरसिंह अपने को मुलायमवादी कहते रहे हैं। हालांकि आरोपों से घिरने के बाद अमर ने रविवार को खुद को समाजवादी कहा था। रविवार को पार्टी से बर्खास्तगी की सूचना मिलने के बाद मीडिया से मुखातिब युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष बृजेश यादव ने कहा कि अखिलेश यादव हमारे नेता हैं और रहेंगे। हम अखिलेशवादी हैं और रहेंगे। उन्होंने साफ किया, हम सिर्फ अखिलेश के साथ काम करेंगे, किसी और के साथ नहीं, यह बात समझ लेनी चाहिए। यादव ने कहा, हम अपने नेता को मजबूत करने के लिए चट्टान की तरह खड़ें हैं। हम सपा का काम करते रहेंगे और सरकार की नीतियों को गांव-गांव तक पहुंचाएंगे। छात्रसभा के बर्खास्त प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह देव ने कहा कि हम सपा के कार्यकर्ता हैं। अखिलेश यादव हमारे नेता हैं और रहेंगे। सातों युवा नेताओं की बर्खास्तगी के बाद इस्तीफा देने वाले लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव दुबे ने कहा कि नेताजी (मुलायम) ने हमें अध्यक्ष बनाया, बचपन से नेताजी और अखिलेश यादव जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं। दोनों के लिए हम जान भी दे सकते हैं। बर्खास्तगी के बाद 250 से ज्यादा इस्तीफे टीम अखिलेश की बर्खास्तगी के विरोध में सोमवार को युवा संगठनों के पदाधिकारियों ने इस्तीफों की झड़ी लगा दी। अब तक 250 से ज्यादा पदाधिकारियों ने इस्तीफे दिए हैं। वाराणसी के ओहदेदारों ने सपा के प्रदेश कार्यालय में खून से लिखकर त्यागपत्र सौंपे। बर्खास्तगी के बाद सपा की यूथ‌ ब्रिगेड का आक्रोश सड़कों पर दिखाई पड़ने लगा। पदाधिकारियों ने प्रदेश भर में इस्तीफे देने शुरू कर ‌दिए। सपा के चार युवा संगठन हैं। इनमें तीन संगठनों के प्रदेश अध्यक्षों की बर्खास्तगी के बाद चौथे संगठन लोहिया वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप तिवारी ने भी इस्तीफा दे दिया। छात्र सभा के पदाधिकारी अनिल यादव, रितेश सिंह और मोनू दुबे ने टेलीफोन टॉवर पर चढ़कर अपना विरोध जताया। उन्हें नीचे उतारने के लिए बड़ी देर तक मशक्कत हुई। मुख्यमंत्री की अपील के बाद वे सभी नीचे उतर आए। वाराणसी से आई छात्रसभा की प्रदेश सचिव सपना अग्रहरि और संदीप सिंह स्वर्णकार, लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव संदीप मिश्रा, युवजन सभा के रोहित यादव, किशन दीक्षित, दीपचंद्र गुप्ता, मनोज यादव गोलू ने खून से इस्तीफा खिलकर प्रदेश सचिव एसआरएस यादव को सौंपा। इसके अलावा मऊ निवासी समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश सचिव विनीत कुशवाहा, लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव रायबरेली निवासी अखिलेश यादव ने भी इस्तीफा दे दिया। युवजन सभी के प्रदेश महासचिव राहुल सिंह, प्रदेश सचिव विवेक मिश्र, फैजाबाद के जिलाध्यक्ष अनूप सिंह, युवजन सभा के राष्ट्रीय सचिव शेरू यादव, प्रदेश सचिव जय सिंह यादव, लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव विवेक मिश्र, छात्र सभा के प्रदेश सचिव सुनील सोनी ने भी पदों से इस्तीफा दे दिया। यूथ ब्रिगेड के प्रदेश महासचिव जौनपुर के अरुण यादव,य इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र नेता अभिषेक यादव, राकेश श्रीवास्तव दीप, वैभव सोनी, राम प्रकाश यादव, युवजन सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद गिरि, आलोक त्रिपाठी, अभय सिंह रिंकू, राजू यादव, सर्वेश यादव, लोहिया वाहिनी के उपाध्यक्ष अनीस रजा, यूथ ब्रिगेड के महासचिव सूरज यादव ने भी इस्तीफा दे दिया। सभी ने कहा अखिलेश के प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर ही वो इस्तीफा वापस लेंगे।

कुछ ने टॉवर पर चढ़ किया हंगामा तो अखिलेश के लिए खून से लिखा इस्तीफा

पब्लिक व्यू 9/20/2016 3:56:52 AM
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सपा में टीम अखिलेश की बर्खास्तगी से कार्यकर्ता बौखला गए और जमकर हंगामा किया, कोई टॉवर पर चढ़ गया तो किसी ने खून से इस्तीफा लिखा। सोमवार को अनुशासनहीनता के आरोप में सपा के सात नेताओं को प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने बर्खास्त कर दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं में इस्तीफा देने की झड़ी लग गई। कार्यकर्ताओं का कहना था कि युवा नेताओं को बहाल किया जाए नहीं तो और भी इस्तीफे होंगे। उनका यह भी कहना था कि उन्हें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अलावा किसी और का नेतृत्व मंजूर नहीं। वहीं लखनऊ के वीवीआईपी गेस्ट हाउस में स्थि‌त टावर पर चढ़कर छात्रसभा के पदाधिकारी मोनू दुबे और रितेश पटेल ने अखिलेश जिंदाबाद के नारे लगाए और जमकर हंगामा किया।

पार्टी से बाहर का रास्ता अख‌िलेश की युवा टीम को ,श‌िवपाल ने द‌िखाया

पब्लिक व्यू 9/19/2016 1:30:14 AM
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सपा के नए प्रदेश अध्यक्ष श‌िवपाल यादव ने अख‌िलेश की युवा टीम के सात नेताओं को सोमवार को बर्खास्त कर दिया। न‌िकाले गए नेताओं में सुनील स‌िंह यादव (एमएलसी), आनंद भदौर‌िया (एमएलसी), मो एबाद (प्रदेश अध्यक्ष यूथ ‌ब्र‌िगेड), बृजेश यादव प्रदेश अध्यक्ष युवजन सभा, संजय लाठर (एमएलसी), गौरव दुबे राष्ट्रीय अध्यक्ष यूथ ब्र‌िगेड, द‌िग्व‌‌िजय स‌िंह देव प्रदेश अध्यक्ष छात्रसभा शाम‌िल हैं। इन युवा नेताओं के न‌िकाले जाने के बाद लोह‌िया वाह‌िनी के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप त‌िवारी ने भी ‌इस्तीफा दे द‌िया। न‌िकाले गए सभी नेताओं पर ये कार्रवाई पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम स‌िंह यादव के ख‌िलाफ अपमानजनक ट‌िप्पणी करने, पार्टी व‌िरोधी गत‌िव‌िध‌ियों में ल‌िप्त होने और अनुशासनहीनता पर की गई है। बता दें कि चारों यूथ व‌िंग्स के युवा नेताओं ने शनिवार को जमकर हंगामा किया था। मुलायम स‌िंह ने इस बवाल के दौरान की वीडियो रिकॉर्डिंग मंगवाकर देखी इसके बाद सात नेताओं को बाहर न‌िकाल द‌िया गया। शनिवार को अखिलेश की युवा टीम ने सड़कों पर जमकर उपद्रव किया था। चारों यूथ विंग्स के अध्यक्षों की अगुवाई में सैकड़ों युवा कार्यकर्ताओं ने सपा कार्यालय के बाहर शिवपाल सिंह और मुलायम सिंह के खिलाफ नारेबाजी की थी। इन समर्थकों का कहना था क‌ि मुलायम ने जैसे सबका सम्मान वापस दिलाया वैसे अखिलेश का सम्मान भी वापस दिलाया जाए। युवाजन सभा, लोहियावाहिनी, मुलायम ब्रिगेड और छात्रसभा के अध्यक्षों ने ये संदेश मुलायम स‌िंह तक भेजा और ऐसा न होने की दशा में इस्तीफा देने की बात कही थी। घंटों चले इस बवाल के दौरान समर्थकों ने शिवपाल यादव की गाड़ी का घेराव करने की कोशिश की और मुलायम के घर के बाहर जबरदस्त नारेबाजी की। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों और समर्थकों के बीच जमकर धक्का-मुक्की भी हुई थी। समर्थकों की इस हरकत से गुस्साए मुलायम स‌िंह ने सीएम को फोन करके समर्थकों का बवाल रुकवाने की बात थी इसके बाद मुलायम स‌िंह ने सभी को जमकर फटकारा भी था।

नीट-2016 की काउंसलिंग दोबारा होगी ,ये प्रमाणपत्र होंगे जरूरी

पब्लिक व्यू 9/19/2016 1:03:03 AM
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यूपी नीट-2016 की काउंसलिंग फिर से होगी। इसी के साथ ही 3 से 8 और 14 सितंबर को हुई काउंसलिंग के सभी सीट आवंटन व प्रवेश निरस्त कर दिए गए हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश के बाद चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय (डीजीएमई) ने ये निर्देश जारी किए हैं। रिपीट काउंसलिंग अब 20, 21 और 22 सितंबर को होगी। इसमें सभी अभ्यर्थियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना होगा। दुबारा काउंसलिंग की पूरी जानकारी डीजीएमई की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है। यह काउंसलिंग प्रदेश के सभी राजकीय और निजी मेडिकल कॉलेजों के लिए होगी। निजी क्षेत्र के कॉलेजों के लिए शिक्षा शुल्क के संबंध में शासनादेश जारी हो चुके हैं। महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा प्रो. वीएन त्रिपाठी ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अनएडेड मेडिकल कॉलेजेज वेलफेयर एसोसिएशन की रिट याचिका की सुनवाई करते हुए प्रदेश के सभी मेडिकल संस्थानों के एमबीबीएस और बीडीएस मेडिकल कोर्सेस में एडमिशन के लिए केंद्रीयकृत काउंसलिंग करवाने के सरकार के आदेशों को बरकरार रखा था। वहीं प्राइवेट कॉलेजों की 50 प्रतिशत सीटों पर राजकीय शुल्क के बराबर शुल्क पर गरीब विद्यार्थियों को एडमिशन का प्रावधान भी हाईकोर्ट ने सशर्त रद्द कर दिया था। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा था, पहले राउंड की काउंसलिंग फिर से कराया जाए। यह काउंसलिंग हो चुकी है, लेकिन इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया था। हाईकोर्ट ने इसे जल्द से जल्द करवाने और प्रवेश प्रक्रिया जल्द पूरी करने के लिए कहा था। इसी आधार पर रिपीट काउंसलिंग कराई जा रही है। यह काउंसलिंग नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट)- 2016 के आधार पर कराई जानी है। हाईकोर्ट ने निर्देशित किया था कि अल्पसंख्यक संस्थान अपने समुदाय के विद्यार्थियों का एडमिशन भी इसी केंद्रीयकृत काउंसलिंग से करेंगे। प्रो. त्रिपाठी ने बताया कि सभी अभ्यर्थियों को काउंसलिंग सेंटर पर दोबारा व्यक्तिगत उपस्थित होना होगा। उनके न पहुंचने पर आवंटन और प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसलिए रिपीट काउंसलिंग में अभ्यर्थी अपनी सुविधा अनुसार किसी भी काउंसलिंग सेंटर पर पहुंच सकते हैं। जबकि पहली काउंसलिंग में शामिल स्टूडेंट्स अपने पूर्व के काउंसलिंग केंद्रों पर ही उपस्थित होंगे। जो छात्र यूपी नीट - 2016 की पहली काउंसलिंग के जरिए मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेकर पढ़ाई कर रहे हैं। वह अपने निकटवर्ती किसी भी काउंसलिंग केंद्र पर उपस्थित होकर उसमें हिस्सा ले सकते हैं। ऐसे अभ्यर्थी जो मेरिट लिस्ट में हैं, लेकिन पूर्व आयोजित प्रथम चक्र की काउंसलिंग में शामिल नहीं हुए थे, वह भी इसमें शामिल हो सकते हैं। डीजीएमई के मुताबिक रिपीट काउंसलिंग में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी को फिर से पूरी प्रक्रिया करनी होगी। इसमें उपस्थिति पंजीकरण फॉर्म विभागीय वेबसाइट से डाउनलोड कर उसे भरकर, सभी जरूरी अभिलेखों की स्वप्रमाणित फोटोकॉपी सहित काउंसलिंग केंद्र पर निर्धारित तिथि को जमा करना होगा। तभी उसका रिपीट काउंसलिंग में पंजीकरण हो पाएगा। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय ने सभी डीन और प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया है कि वह सभी स्टूडेंट्स जिनके मूल अभिलेख संबंधित कॉलेज में जमा हैं, उन्हें एनओसी जारी करें ताकि उन्हें रिपीट काउंसलिंग में शामिल होने में दिक्कत न हो। एनओसी न मिलने पर ये प्रमाण पत्र जरूरी - नीट यूपी 2016 की पहली काउंसलिंग से मिला आवंटन पत्र - प्रवेश के लिए जमा किए गए शुल्क रसीद की फोटोकॉपी - कॉलेजों में मूल अभिलेख जमा किए जाने की प्राप्ति रसीद

द‌िल्ली पहुंचे श‌िवपाल यादव ,मुलायम स‌िंह से म‌िलने

पब्लिक व्यू ब्युरो 9/14/2016 2:59:58 AM
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सपा के नए प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव का लखनऊ आने का प्रोग्राम रद्द हो गया है। वह पार्टी के मुख‌िया मुलायम सिंह यादव से मिलने के लिए दिल्ली पहुंचे। श‌िवपाल का कहना है, वह मुलाकात के बाद ही कोई फैसला लेंगे। वहीं, सीएम अखिलेश यादव ने बुधवार को बाहर के सारे कार्यक्रम रद्द कर द‌िए। लखनऊ में हो रहे हिंदी संस्थान के सम्मान समारोह में भी वह नहीं पहुंचे। मंगलवार सुबह से लेकर देर रात तक सामने आए घटनाक्रम से सत्ता का संघर्ष चरम पर पहुंच चुका है। सोमवार को मुलायम के करीबी दो म‌ंत्रियों को बर्खास्त करने से ये सिलसिला शुरू हुआ। इसके बाद अखिलेश ने शिवपाल के करीबी दीपक स‌िंघल से कुर्सी छीनकर एक और बड़ा धमाका कर दिया। अखिलेश ने दीपक सिंघल की जगह अपने विश्वासपात्र राहुल भटनागर को मुख्य सचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी। देर शाम तक मुलायम सिंह ने अखिलेश से प्रदेश अध्यक्ष पद छीनकर शिवपाल को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। ये फैसला आने के कुछ ही देर बाद मुख्यमंत्री अखिलेश ने चाचा शिवपाल से सारे अहम पद छीन लिए। बुधवार सुबह शिवपाल ने सैफई में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा, मेरा विश्वास नेताजी में है। वो जो फैसला लेंगे, सर्वमान्य होगा। शिवपाल ने कहा, मैं किसी से नाराज नहीं। शिवपाल ने कहा, नेता जी ने जो जिम्मेदारी दी है उसे निभाएंगे। इस्तीफे के सवाल पर शिवपाल ने कहा कि नेताजी से मुलाकात करके ही कोई फैसला लिया जाएगा। इसके बाद शिवपाल मुलायम स‌िंह से मुलाकात करने दिल्ली पहुंच गए।

समाजवादी योजना का ब्रांड एंबेस्डर एक और बॉलीवुड अभिनेता बना

पब्लिक व्यू ब्युरो 9/14/2016 2:46:07 AM
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फिल्म अभिनेत्री विद्या बालन जिस तरह समाजवादी पेंशन योजना की ब्रांडिंग कर रही हैं, उसी तरह अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी सूबे में सामाजिक सुरक्षा की सबसे बड़ी स्कीम समाजवादी किसान सर्वहित दुर्घटना बीमा योजना की ब्रांडिंग करते नजर आएंगे। बुधवार को नवाजजुद्दीन की मौजूदगी में ये योजना लॉन्च कर दी गई। इस योजना की लॉन्चिंग के दौरान नए मुख्य सचिव राहुल भटनागर भी मौजूद रहे। उन्होंने मीडिया को इस योजना के बारे में बताया। इस दौरान सीएम ने कहा, हमें इस योजना के प्रचार के ल‌िए एक लोकप्र‌िय कलाकार म‌िले हैं। मैं इस मौके पर उन्होंने नए चीफ सेक्रेट्री और नवाजुद्दीन को धन्यवाद द‌िया। तीन करोड़ से अधिक किसान व अल्प आय वर्ग के परिवारों को सामाजिक सुरक्षा देने वाली समाजवादी किसान सर्वहित बीमा योजना को सरकार ने चालू वित्त वर्ष के बजट में घोषित किया है। इस योजना के लिए बीमा कंपनियों का चयन हो चुका है। इस बीच सूचना विभाग ने विधानसभा चुनाव से पूर्व इस योजना के प्रचार-प्रसार और इसके फायदे आमजन तक पहुंचाने के लिए नवाजुद्दीन सिद्दीकी को ब्रांड एंबेसडर बनाने का प्रस्ताव किया था। नवाजुद्दीन ही क्यों बने इस योजना का चेहरा सूत्रों ने बताया कि इस योजना के लिए सिद्दीकी का चयन बहुत सोच-समझ कर किया गया है। पहला, सिद्दीकी पुरुष हैं लिहाजा उन्हें प्रचार-प्रसार के लिए गांवों तक ले जाने में ज्यादा मुश्किल नहीं होगी। दूसरा, वह यूपी के निवासी हैं। तीसरा, मुस्लिम वर्ग से हैं। एक साथ कई समीकरण सधने से उनके नाम पर मुहर लगने में देर नहीं लगी। सरकार चाहती है कि नवाजुद्दीन सिर्फ टीवी, रेडियो और अखबारों में ही योजना का प्रचार न करें बल्कि जनता के बीच जाकर योजना के फायदे बताएं। इससे चुनाव में फायदा मिल सकेगा।

शिवपाल यादव, पर कतरे जाने के बाद इस्तीफा दें सकते हैं

पब्लिक व्यू ब्युरो 9/13/2016 10:29:18 PM
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समाजवादी सरकार और परिवार में चल रहा सत्ता संघर्ष मंगलवार रात इतना बढ़ गया कि काबीना मंत्री शिवपाल यादव ने अखिलेश सरकार से इस्तीफा देने का निश्चय कर लिया। बुधवार सुबह सैफई से लखनऊ पहुंचते ही शिवपाल मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। कलह का यह ताजा दौर दो मंत्रियों की बर्खास्तगी से शुरू हुआ था। मंगलवार सुबह सीएम अखिलेश यादव और आगे बढ़े और उन्होंने दीपक सिंघल को मुख्य सचिव पद से हटाकर राहुल भटनागर की ताजपोशी कर दी। इससे खफा सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने शाम आते-आते अखिलेश यादव को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर शिवपाल सिंह यादव को कमान सौंप दी।शह-मात का खेल रात तक चला। रात 9.30 पर अखिलेश ने शिवपाल यादव को सौंपे सिंचाई, लोक निर्माण, सहकारिता व राजस्व जैसे अहम विभाग वापस लेते हुए उनका कद घटा दिया। खफा शिवपाल ने सरकार छोड़ने का मन बना लिया। शिवपाल से सभी अहम विभाग छीने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वरिष्ठ मंत्री शिवपाल सिंह यादव को सौंपे गए सभी महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी वापस ले ली। राज्यपाल राम नाईक ने मुख्यमंत्री केप्रस्ताव पर शिवपाल के अहम विभागों को मुख्यमंत्री सहित अन्य मंत्रियों को आवंटित कर दिया है। शिवपाल को समाज कल्याण विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह सीएम अखिलेश का उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने पर पलटवार था। शिवपाल इससे और खफा हो गए। उन्होंने सैफई से ही मुलायमसिंह से फोन पर बात की। कहा, इन हालात में वे काम नहीं कर सकते, इसलिए मंत्री पद छोड़ रहे हैं। शिवपाल के पास लोक निर्माण, सिंचाई, सहकारिता, बाढ़ नियंत्रण, भूमि विकास एवं जल संसाधन, परती भूमि विकास,राजस्व अभाव सहायता एवं पुनर्वास तथा लोक सेवा प्रबंधन विभाग थे। मुख्यमंत्री के प्रस्ताव पर राज्यपाल ने लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री को सौंपी है। होमगार्ड व प्रांतीय रक्षक दल महकमे के मंत्री अवधेश प्रसाद को उनके वर्तमान प्रभार के साथ सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग का अतिरिक्त प्रभार आवंटित कर दिया है। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षामंत्री बलराम यादव को राजस्व, अभाव, सहायता एवं पुनर्वास तथा लोक सेवा प्रबंधन व सहकारिता विभाग का अतिरिक्त प्रभार आवंटित किया है। वरिष्ठ मंत्री राम गोविंद चौधरी के पास समाज कल्याण, पंचायतीराज, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण, सैनिक कल्याण का प्रभार था। चौधरी से समाज कल्याण विभाग लेकर शिवपाल को दे दिया गया है। चौधरी के पास बाकी विभाग बने रहेंगे। शिवपाल के पास अब भूमि विकास एवं जल संसाधन तथा परती भूमि विकास के अलावा समाज कल्याण विभाग रहेगा।

चुनाव जीतने पर मोबाइल पाएं अभी रजिस्ट्रेशन कराएं अखिलेश का ‘स्मार्ट’ ऑफर

पब्लिक व्यू ब्युरो 9/5/2016 11:29:18 PM
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विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पहली बार मतदाता बनने जा रहे युवाओं को लुभाने के लिए नया दांव चला है। सरकार ने सोमवार को एक बयान जारी कर स्मार्ट फोन वितरण योजना का एलान कर दिया। हालांकि फोन के लिए कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। एक जनवरी 2017 को 18 साल की उम्र पूरा करने वाले मैट्रिक पास लोग फोन के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। लाभार्थी की सालाना आमदनी दो लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। समाजवादी स्मार्ट फोन नाम से शुरू इस योजना के लिए एक महीने के भीतर ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हो जाएगा। योजना का एलान करते हुए कहा गया है कि सपा ने समाज के सभी वर्गों में डिजिटल लोकतंत्र लाने का काम किया है। समाजवादी स्मार्ट फोन के जरिये सरकार व जनता के बीच दोतरफा संवाद कायम हो सकेगा। समाजवादी स्मार्ट फोन अत्याधुनिक तकनीक से युक्त अच्छी गुणवत्ता का होगा। इसमें स्मार्ट फोन के सभी फीचर्स के साथ-साथ विस्तृत एकल एप भी उपलब्ध होगा। इसमें राज्य सरकार की योजनाओं के ऑडियो, वीडियो एवं सूचनाएं भी शामिल होंगी। सरकारी नौकरी तो नहीं पा सकेंगे फोन सरकारी नौकरी करने वाले आवेदन नहीं कर सकेंगे। जिनके अभिभावक सरकारी सेवा में हैं तो वे भी पात्र नहीं होंगे। अगर कोई निजी क्षेत्र में कार्यरत है और परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम है, तभी आवेदन कर करेगा। रजिस्ट्रेशन के समय सिर्फ हाईस्कूल के प्रमाण-पत्र की स्कैन कॉपी अपलोड करना जरूरी होगा। कृषि उपज के रेट व मौसम की मिलेगी जानकारी समाजवादी स्मार्ट फोन के एप में किसानों एवं ग्रामीणों के लिए नवीनतम तकनीक, कृषि उत्पादों के वर्तमान बाजार मूल्य के अलावा मौसम की जानकारी भी मिलेगी। इसके अलावा दुग्ध उत्पादकों, विद्यार्थियों व व्यवसाइयों समेत सभी वर्गों की जरूरत के हिसाब से जानकारी रहेगी। कब मिलेगा फोन योजना में लाभार्थियों का चयन ऑनलाइन होगा। स्मार्ट फोन सीधे लाभार्थी के घर भेजा जाएगा। स्मार्ट फोन का वितरण 2017 की दूसरी छमाही में किया जाएगा। यानी विधानसभा चुनाव के बाद। योजना का संदेश साफ है कि सपा को जिताओ, स्मार्ट फोन पाओ।

पुलिस ने गिरफ्तार किया छ: वाहन चोर, इक्कीस वाहन हुए बरामद

पब्लिक व्यू ब्युरो 2/14/2016 11:41:45 PM
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जनपद में वाहन चोरों से तंग आ चुंकी पुलिस कप्तान ने बीते दिनों गिरोह की धरपकड़ के लिए आदेश दिया था। इसमें रविवार को इंदिरा नगर पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी पाते हुए इक्कीस वाहनों के साथ छ: वाहन चोर गिरफ्तार किया है। रविवार को इंदिरा नगर थाना क्षेत्र में गिरोह बनाकर वाहनों को उड़ाने वाले छ: चोरों को गिरफ्तार किया है। इस बाबत चौकी इंचार्ज सुरेश यादव ने बताया कि लगातार चोरो की सूचनाएं मिल रही थी और छापा मारने पर ये फरार हो जाया करते थे। जब मुखबिर से स​टीक सूचना मिलने पर घेरेबंदी की गयी और पुलिस को वाहन चोर गिरोह में सक्रिय छ: चोर मो.शोएब निवासी इंदिरा नगर, मो.रईश निवासी ठकुराई, मो. चांद निवासी खुर्रम नगर, मूल निवासी रायबरेली, शदाकत अली निवासी फाजिल नगर, आरिफ निवासी ठकुराई और इस्तियाद निवासी ठकुराई को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली। पकड़े गये चोरों के पास से अलग अलग कम्पनियों के इक्कीस वाहन मिले है। इसमें कई वाहनों को चोरों ने गत् दिनों पूर्व ही उड़ाया था। उन्होंने बताया कि पकड़े गये चोरों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला पंजीकृत करते हुए जेल भेजा जा रहा है। वहीं वाहनों की जांच कर के उनके मालिकों को सौंपने का प्रबन्ध भी हो रहा है। इसमें गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए पुलिस अभी चोरो से पूछताछ कर रही है।

हिट एंड रन केस , बचा हुआ सच

पब्लिक व्यू, ब्यूरो 12/12/2015 5:43:38 AM
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हिट एंड रन में घायल हुए गोंडा के मुस्लिम शेख और अब्दुल्ला शेख की पीड़ा कम नहीं है। सलमान खान तो भले ही बरी हो गए हों पर हादसे के बाद इन्हें कोई मदद नहीं मिली, नौकरी तक छूट गई। यहीं नहीं, वहां से जान के भी लाले पड़ गए इसलिए मुंबई को अलविदा कहना पड़ा। अब वे गांव में किसी तरह मजदूरी व खेती किसानी से गुजारा करते हैं। कोतवाली देहात क्षेत्र के भरहापारा के मुस्लिम शेख तो बृहस्पतिवार को घर पर नहीं मिले पर उनके वालिद नियामत ने बताया कि बेटा पास के गांव में गया है। वे बताते हैं, हादसे के बाद मुस्लिम के इलाज में काफी पैसे खर्च हो गए, लेकिन सहायता के नाम पर उन्हें कुछ भी नहीं मिला। वे अपनी पीड़ा सुनाते हुए कहते हैं कि उनके बेटे की जान को खतरा हो गया था, इसलिए उसे मुंबई छोड़ना पड़ा। अब यहां खेती-किसानी कर परिवार संभाल रहा है। वहीं, अशरफ खेड़ा के रहने वाले अब्दुल्ला भी जान जाने के डर से मुंबई छोड़कर अपने घर लौट आए। उनके पिता ने बताया कि बेटे को न सलमान ने किसी प्रकार की सहायता दी न ही सरकार की ओर से कोई स‌ुविधा मिली।सलमान खान की गाड़ी से ड्राईविंग के दौरान घायल कोतवाली देहात क्षेत्र के असरफखेड़ा गांव के रहने वाले अब्दुल्ला की पत्नी रेशमा ने अपनी पीड़ा सुनाते हुए कहा कि जब वक्त बुरा आता है तो साया भी साथ छोड़ देता है, बुरे वक्त में किसी ने साथ नहीं दिया, जो अजीज हुआ करते थे, वह भी कतराने लगे थे। मगर धीरे-धीरे समय के साथ ही सबकुछ ठीक हो गया अब वह अपने परिवार के साथ खुशहाल है। हादसे में घायल पीडि़त मन्नू के परिवार की एक महिला ने बताया कि हादसें के बाद इलाज के लिए किसी ने सहायता नहीं की। किसी तरह परिवार के लोगों ने मिलकर इलाज कराया। कोर्ट से एक उम्मीद थी कि फैसला आने के साथ ही कोर्ट से सभी पीडि़तों के साथ ही मन्नू को भी सहायता मिलेगी। मगर कोर्ट के फैसले से आस टूट गई। अब मजदूरी और किसानी के सहारे जिन्दगी चलेगी। हिट एंड रन केंस में जख्मी हुए अब्दुल्ला ने कहा कि वे अदालत के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं, पर वे उच्चतम न्यायालय में अपील नहीं करेंगे। लखनऊ आए अब्दुल्ला ने अमर उजाला बातचीत में कहा कि अदालत ने सलमानी की सुनी अब हमारी भी सुनें। उन्होंने कहा कि आखिरी आस अब सलमान से है उनसे मुलाकात की कोशिश करूंगा। अगर वो आर्थिक मदद करेंगे तो ठीक है वरना मेरी किस्मत। वे कहने लगे कि हादसे ने मेरी दुनिया ही बदल दी। जिस बेकरी में नौकरी करता था वहां पुलिस व पत्रकारों का जमावड़ा लगने लगा, लिहाजा सेठ ने नौकरी से निकाल दिया। अब कहीं और नौकरी मांगने जाव तो टूटी टांग आड़े आती थी। गोंडा में भी रोजगार नहीं मिला। मुझे उम्मीद थी कि सलमान के वकील मुझसे संपर्क करके कुछ सुलह समझौते की बात करेंगे, पर ऐसा नहीं हुआ। हां, यह सच जरूर है कि डेढ़ महीने अस्पताल में रहने के दौरान मेरा एक भी पैसा खर्च नहीं हुआ, किसने पैसे दिए मैंने नहीं जानता।जिस ड्राइवर अशोक सिंह की गवाही से सलमान खान का पक्ष मजबूत हुआ, वह गोंडा का रहने वाला है। अशोक ने ही 12 साल बाद कोर्ट में गवाही दी थी कि वारदात वाले दिन गाड़ी सलमान नहीं, वह खुद चला रहा था। वजीरगंज के बड़ा दरवाजा का रहने वाला अशोक सिंह राना की 25 साल पहले मुंबई के जुहू चौपाटी में अदाकारा हेलन से मुलाकात हुई थी और वे उनके घर काम करने लगे। बाद में सलमान के यहां ड्राइवर बन गए। बृहस्पतिवार को जब अमर उजाला प्रतिनिधि अशोक के घर पहुंचा तो वह वहां मौजूद नहीं था। अशोक के बड़े भाई रामप्रताप ने बताया कि खुद को कामयाबी से जोड़ने के लिए अशोक 25 साल पहले 1989 में मुंबई पहुंच गया। काफी समय तक काम नहीं मिला तो वह जुहू चौपाटी पर गुब्बारा बेचने लगा।एक दिन मशहूर एक्ट्रेस हेलन उनकी दुकान पर गुब्बारा लेने पहुंच गईं। अशोक के सरल स्वभाव से प्रभावित होकर उन्हें अपने साथ ले गईं। इसी बीच, उनके सौतेले बेटे सलमान ने अशोक को अपने साथ रख लिया। बकौल राम प्रताप, हादसे में एक की मौत के बाद जब मुंबई पुलिस ने केस फाइल किया तो अशोक को गवाह बनाया। जब उनसे पूछा गया कि अशोक ने आखिर 12 साल बाद गाड़ी खुद चलाने का बयान क्यों दिया तो रामप्रता ने कहा कि उन्हें इसकी विशेष जानकारी नहीं। इस बारे में अशोक ही बता सकते हैं। रामप्रताप ने अशोक से बात करने के लिए फोन मिलाया तो उसका मोबाइल स्विच आफ मिला।

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