क्या आए अच्छे दिन? मोदी के अंदाज में बोलीं माया

पब्लिक व्यू 1/1/1900 12:00:00 AM
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केंद्र में सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर सहारनपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली का गवाह बना कॉसमॉश सिटी मैदान रविवार को एक बार फिर रैली के लिए सजा था। मगर इस बार मंच नरेंद्र मोदी का नहीं, बल्कि बसपा सुप्रीमो मायावती का था। मायावती ने मंच से जो सवाल किए। उन्हें पूछने का अंदाज भी मोदी का ही था, मगर उनका मकसद सवालों के जरिये भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरना था। मायावती ने पूरा भाषण पढ़कर बोला। ऐसे में उसमें वह रोचकता नहीं थी, जो मोदी के भाषण में होती है, मगर उन्होंने अपनी बात जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया। इसमें वह कितना सफल रहीं, यह तो विधानसभा चुनाव का परिणाम ही बताएगा।लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी द्वारा विदेशों से काला धन वापस लाने के वादे पर सरकार को घेरते हुए मायावती ने जनता से पूछा कि क्या काला धन आया? यह भी याद दिलाया कि नरेंद्र मोदी ने जनता से वादा किया था कि काले धन को वापस लाकर प्रत्येक परिवार के खाते में 15-15 लाख रुपये डाले जाएंगे। क्या 15-15 लाख रुपये मिले? किसानों को कृषि के क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं देकर उनके उत्पादन के साथ आय बढ़ाने की बात कही गई थी, मगर क्या किसी किसान की आय बढ़ी? बिजली की दरें सस्ती करने और 24 घंटे आपूर्ति देने की बात कही थी, मगर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद क्या बिजली की दरें घटी और 24 घंटे बिजली मिली? लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी द्वारा विदेशों से काला धन वापस लाने के वादे पर सरकार को घेरते हुए मायावती ने जनता से पूछा कि क्या काला धन आया? यह भी याद दिलाया कि नरेंद्र मोदी ने जनता से वादा किया था कि काले धन को वापस लाकर प्रत्येक परिवार के खाते में 15-15 लाख रुपये डाले जाएंगे। क्या 15-15 लाख रुपये मिले? किसानों को कृषि के क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं देकर उनके उत्पादन के साथ आय बढ़ाने की बात कही गई थी, मगर क्या किसी किसान की आय बढ़ी? बिजली की दरें सस्ती करने और 24 घंटे आपूर्ति देने की बात कही थी, मगर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद क्या बिजली की दरें घटी और 24 घंटे बिजली मिली? उन्होंने कहा कि मोदी देश में बुलेट ट्रेन लाने की बात कर रहे हैं। क्या इन बुलेट ट्रेन का इस्तेमाल आम आदमी करेगा? जितना धन बुलेट ट्रेन पर खर्च किया जा रहा है। उतने में कई सामान्य ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। कहा कि मोदी ने गरीबों को मुफ्त आवास देने का वादा किया था मुझे कोई बताए कि क्या किसी को मुफ्त में एक भी मकान मिला? मायावती ने युवाओं खासकर बेरोजगारों की नब्ज भी टटोली। कहा कि मोदी ने बेरोजगारों को रोजगार के अवसर देने का वादा किया था, मगर कोई बताए कि कितनों को रोजगार दिलाया? एक तरह से उन्होंने केंद्र सरकार और नरेंद्र मोदी को घेरने का प्रयास किया, जिसका मकसद भारतीय जनता पार्टी को आगामी विधानसभा चुनाव में सत्ता से दूर रखना है और इसके लिए उन्होंने मोदी का ही अंदाज अपनाया।

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